RO हुए खराब, 200 से अधिक परिवार दूषित पानी पीने के लिए मजबूर आपदा के बाद से नहीं सुधरी पेयजल आपूर्ति

जैंतनवाला-हरियावाला खुर्द गांव में 200 से अधिक परिवार दो दिनों से दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ट्यूबवेल में खराबी के कारण घरों में मटमैला पानी आ रहा है जिससे ग्रामीणों के दैनिक कार्य बाधित हो रहे हैं। जल संस्थान ने अस्थायी समाधान किया था लेकिन समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के आरओ भी खराब हो गए हैं। जल संस्थान ने जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है।
शहर से सटे जैंतनवाला-हरियावाला खुर्द गांव में दो दिन से 200 से अधिक परिवार दूषित पानी पीने काे मजबूर हैं। ट्यूबवेल के आवरण (छलनी) की छलनी गिर जाने (स्ट्रेनर कोलैप्स) से घरों में लगातार मटमैला पानी जा रहा है, जिससे ग्रामीण परेशानी का सामना कर रहे हैं। उनके रोजमर्रा के सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और स्वच्छ पानी के लिए उन्हें करीब एक किमी. दूर स्थित स्रोत का चक्कर काटना पड़ रहा है।जल संस्थान की अनुरक्षण खंड शाखा के अंतर्गत जैंतनवाला-हरियावाला खुर्द गांव के चार वार्डों में ट्यूबवेल से सीधे पेयजल आपूर्ति होती है। काफी पुराना ट्यूबवेल होने से इसका प्रवाह कम हो गया है और अक्सर इसमें खामियां बनी रहती हैं।15-16 सितंबर की रात को देहरादून में आई तबाही से भी ट्यूबवेल की वितरण लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। इस दौरान ग्रामीणों को करीब एक सप्ताह तक पेयजल संकट का भारी सामना करना पड़ा था। हालांकि बाद में जल संस्थान ने अस्थाई व्यवस्था कर आपूर्ति बहाल कराई थी। लेकिन, अब ग्रामीणों के सामने दूषित पानी की समस्या खड़ी हो गई है।दूषित पानी में मिट्टी के साथ छोटे-छोटे कंकड़ होने से कई ग्रामीणों के घरों में लगे आरओ खराब हो गए हैं। आरओ में कंकड़ों के फंस जाने से उनका संचालन ठप हो गया है। ग्रामीणाें ने जल संस्थान में शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।




