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 सीबीआइ जांच व पेपर निरस्त की मांग पर अड़ा बेरोजगार संघ, दिल्ली के पत्रकार के साथ मारपीट

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर बेरोजगार संघ का प्रदर्शन जारी है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने युवाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। दिल्ली से आए एक पत्रकार के साथ मारपीट की गई है जिसके संबंध में मामला दर्ज किया गया है।उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा को निरस्त करने व पेपर लीक की सीबीआइ मांग पर अड़े बेरोजगार संघ का धरना प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा।

परेड ग्राउंड के बाहर चल रहा बेरोजगार संघ का प्रदर्शन लगातार बड़ा रूप ले रहा है। शुक्रवार को संघ से जुड़े युवाओं को समझाने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह धरना स्थल पहुंचे, लेकिन युवा नहीं माने और प्रकरण की सीबीआइ जांच की मांग पर अड़े रहे।

इस दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि वह भी सामान्य परिवार से निकलकर आए हैं, ऐसे में युवाओं की संवेदनाओं को समझते हैं। जहां तक पेपर आउट होने का मामला है तो इस पूरे मामले की एसआइटी विवेचना कर रही है।एक माह में पूरी रिपोर्ट आ जाएगी, जोकि मीडिया के समक्ष रखी जाएगी। यदि युवाओं को इस रिपोर्ट पर कोई संदेह होता है या वह रिपोर्ट से नाखुश होते हैं तो युवा अपना प्रदर्शन जारी रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक रिपोर्ट नहीं आती तब तक आगे कार्रवाई नहीं बढ़ाई जा सकती है।

युवाओं की जो भी मांग है वह सरकार के समक्ष रख दी गई है। यदि जांच रिपोर्ट पर युवाओं को संदेह होगा तो तभी सीबीआइ जांच करवाई जा सकेगी। सीबीआइ जांच के लिए राज्य की एजेंसी की जांच रिपोर्ट भी जरूरी है।

वहीं युवाओं की ओर से सर्वोच्च न्यायालय से हाकम सिंह को जमानत मिलने के सवाल पर एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि छोटे से बड़े अपराध तक जमानत देना न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। अधिकारियों की बात पूरी नहीं हुई थी कि युवा सीबीआइ जांच के नारे लगाने लगे, जिसके बाद जिलाधिकारी व एसएसपी वहां से चले गए।

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