देहरादून नगर निगम के इर्द-गिर्द सिमटा Dog Registration Campaign, नहीं सुनाई दे रही मालिकों से अपील की आवाज

देहरादून नगर निगम का पालतू कुत्तों के पंजीकरण का अभियान हवा-हवाई साबित हो रहा है। शहर में आवारा और खूंखार कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है लेकिन निगम कार्यालय के आसपास ही सिमटा हुआ है। कूड़ा उठाने वाले वाहनों में जिंगल तक नहीं बज रही और शिकायतों का समाधान भी नहीं हो रहा। पार्षदों और जनता में भारी नाराजगी है।
पालतू कुत्तों के पंजीकरण, बांध्याकरण और टीकाकरण के लिए शहर के 100 वार्डों में अभियान चलाने का दावा कर रहा नगर निगम अपने ही कार्यालय के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ है। निगम कार्यालय के पास के इलाकों में जरूर कुत्ता मालिकों से पंजीकरण कराने की अपील से जुड़े स्टीकर चस्पा मिले, लेकिन शहर के बाकी हिस्सों व शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में ऐसा कोई स्टीकर नहीं मिला।
यही नहीं, नगर निगम दावा करता रहा है कि कूड़ा उठान वाहनों में बजने वाली जिंगल से कुत्तों के मालिक को सावधान करने व पंजीकरण कराने की अपील की जा रही, लेकिन यह दावा भी झूठा निकला। शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़ा उठान वाहनों में कुत्ता मालिकों से अपील तो दूर, कूड़ा उठान गाड़ी आने की जिंगल तक नहीं बज रही। ऐसे में निगम की ओर से बगैर लाइसेंस कुत्तों पालने वालों का चालान करने व सख्त कार्रवाई के दावे हवाई साबित हो रहे हैं।शहर में आवारा कुत्तों का आतंक तो बेशुमार बढ़ा हुआ है, लेकिन अब बिना लाइसेंस खूंखार कुत्ता पालने वालों ने भी सड़कों पर आतंक मचाया हुआ। खूंखार कुत्ते अकसर राहगीरों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह जख्मी कर दे रहे, लेकिन नगर निगम तमाशबीन बना हुआ है।
वार्डों में जब क्षेत्रवासियों ने इस मामले में पार्षदों के दरवाजे खटखटाने शुरू किए तो पार्षदों के दबाव में नगर निगम प्रशासन ने बोर्ड बैठक में कुत्ता पंजीकरण से जुड़े कुछ नए नियम बनाने का दावा किया। इस मसले पर पिछले दिनों हुई बोर्ड बैठक में कुत्तों के काटने से घायल लोगों के मामलों को लेकर जमकर हंगामा भी हुआ था।
निगम प्रशासन ने दावा किया कि शहर में अभियान चलाकर बिना लाइसेंस कुत्ता पालने वालों पर कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाएगा। शुरुआती चार-पांच दिन तो निगम ने वाहवाही लूटने के लिए कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की, लेकिन उसके बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।
अब जब सुप्रीम कोर्ट भी कुत्तों के आतंक को लेकर गंभीर दिख रहा है तो नगर निगम ने शहर में स्टीकर और बैनर-पोस्टर के माध्यम से कुत्ता मालिकों से पंजीकरण कराने की अपील का दावा किया। निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर के सभी 100 वार्डों में इस तरह के स्टीकर व बैनर-पोस्टर चस्पा किए गए हैं, लेकिन गुरुवार को जब दैनिक जागरण की टीम ने पड़ताल की तो यह अभियान केवल नगर निगम कार्यालय के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ दिखा।




