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केसरवाला-मालदेवता मार्ग बहा, मजदूर दंपती की मौत; मलबे में दबे 6 की तलाश जारी

देहरादून के रायपुर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण केसरवाला-मालदेवता मार्ग बह गया जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया। सेहरा गांव में घर बह गए और रांगड़ में इंटर कॉलेज क्षतिग्रस्त हुआ। मार्ग निर्माण में जुटे कई मजदूर सैलाब में बह गए जिनमें से कुछ की मौत हो गई। बादल फटने से नदियों का जलस्तर बढ़ा और फसलों को भारी नुकसान हुआ। बिजली और नेटवर्क ठप हो गया है।भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण रायपुर क्षेत्र में केसरवाला-मालदेवता मार्ग 300 मीटर तक क्षतिग्रस्त होकर बह गया। मालदेवता से आगे इलास-वैली, लमगड़ा, सेहरा और रांगड़ आदि गांवों को जोड़ने वाले आयरन ब्रिज की एप्रोच सड़क धंस गई।

जिससे मालदेवता से ऊपर मौजूद करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया। ग्रामीणों के अनुसार, सेहरा गांव में चार से पांच घर बहे हैं। रांगड़ गांव में इंटर कालेज को भी भारी नुकसान हुआ है।

वहीं मालदेवता से सरकी जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य में जुटे आठ मजदूर भी सैलाब की चपेट में आ गए। जिनमें से नेपाली मूल के मजदूर दंपती की मौत हो गई, जबकि छुटमलपुर के रहने वाले छह मजदूर लापता हैं। उनके मलबे में दबे होने की आशंका है।सोमवार और मंगलवार मध्य रात को आई तबाही के दौरान मालदेवता से ऊपर भैसवाड़-सैंण, भैखली खाला फुलेत और माजरा घाट गांव के समीप बादल फटा। जिससे सौंग व बांदल नदी का जलस्तर हद से अधिक बढ़ गया और नदियां रौद्र रूप में बहने लगीं।

इससे माजरा घाट में एक बोलेरो कैंपर और तीन मोटरसाइकिल बह गईं। किसानों की करीब हजार एकड़ फसल में पानी भर गया। अधिकांश किसानों ने अदरख की फसल बोई थी, जो जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो गई। मालदेवता से आगे कुमाल्डा को जाने वाले पैदल पुल की सड़क भी बह गई। तबाही की चपेट में आकर कुमाल्डा के कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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