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जलमग्न स्यानाचट्टी में पानी के बीच खड़े होकर लोगों का प्रदर्शन, राफ्ट से पहुंचे डीएम

 यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में मलबा और बड़े पत्थर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ने से पूरा क्षेत्र पानी में डूब गया।उत्तरकाशी में यमुना नदी पर बनी झील के कारण जलमग्न हुए स्यानाचट्टी में अब लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। आज स्थानीय ग्रामीणों ने जलमग्न हुए यमुनोत्री पुल के पास खड़े होकर प्रदर्शन किया।

लोगों ने इसके लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों के आक्रमक रुख को देखकर प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। राफ्ट से ग्रामीणों के बीच पहुंचे डीए, विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष को भी आपदा प्रभावितो के भारी विरोध को झेलना पड़ा। डीएम ने झील को जल्द खोलने और हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वास दिया।झील के एक हिस्से को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग और अन्य सम्बंधित एजेंसियां जुटी हैं। पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग दो फूट तक कमी आई है।वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को स्यानाचट्टी चट्टी में बनी झील से जल निकासी के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए चैनेलाइजेशन करने के लिए समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।  बता दें कि गुरुवार को यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में मलबा और बड़े पत्थर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर फिर से बढ़ गया था। स्यानाचट्टी में घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे दहशत फैल गई।हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने स्यानाचट्टी, कुथनौर और खरादी के सभी भवनों और होटलों को खाली करवा दिया। करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

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