यूपी की बसें उत्तराखंड में खुलकर कर रही परमिट शर्तों का उल्लंघन, आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई का बेअसर

देहरादून के आईएसबीटी बस अड्डे पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। लगभग 30% बसें नियमों को अनदेखा कर प्रवेश कर रही हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई का कोई खास असर नहीं दिख रहा है, और डग्गामार बसें खुलेआम सवारियां उतार-चढ़ा रही हैं। निगम के कर्मचारियों के विरोध पर बस चालक झगड़ने को तैयार रहते हैं।देहरादून के आईएसबीटी बस अड्डे पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। लगभग 30% बसें नियमों को अनदेखा कर प्रवेश कर रही हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई का कोई खास असर नहीं दिख रहा है, और डग्गामार बसें खुलेआम सवारियां उतार-चढ़ा रही हैं। निगम के कर्मचारियों के विरोध पर बस चालक झगड़ने को तैयार रहते हैं।दरअसल, आइएसबीटी बस अड्डे के एक किलोमीटर के दायरे में डग्गामार, विक्रम, ई रिक्शा, टाटा मैजिक के संचालन पर रोक लगाई गई थी। आरटीओ प्रवर्तन की टीम दलबल के साथ सड़क पर भी उतरी। परमिट शर्तों के उल्लंघन करने वाले बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की। लेकिन आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा। इसके अलावा यातायात नियमों का भी खुलकर उल्लंघन किया जा रहा। परिवहन निगम के कर्मचारियों के आवाज उठाने पर डग्गामार बस चालक लड़ने भिड़ने के लिए तैयार रहते हैं। त्योहारी सीजन में परिवहन निगम की आए को प्रतिदिन 50 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। जिससे परिवहन निगम के घाटे में जाने की सबसे बड़ी वजह यह भी है।बीते रविवार और सोमवार को आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई का बेअसर रहा। गुरुवार को आइएसबीटी में डग्गामार बस, विक्रम, ई रिक्शा, टाटा मैजिक सवारियों को छोड़ने एवं उतारने का काम कर रहे थे। जबकि बीते बुधवार को आरटीओ प्रवर्तन डा. अनीता चमोला ने ट्रैवल एजेंसियों की परमिट शर्तों के उल्लंघन एवं यातायात व्यवस्था को लेकर बैठक ली थी। लेकिन गुरुवार को आइएसबीटी में व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं दिखाई दिया।




