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जमीन बेचने और टेंडर दिलाने के नाम पर 40 लाख की धोखाधड़ी, 10 साल बाद दर्ज हुई FIR

एक व्यक्ति को जमीन बेचने और टेंडर दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। इस मामले में, घटना के दस साल बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे जमीन और सरकारी टेंडर के नाम पर धोखा दिया गया, जिसके कारण उसे भारी नुकसान हुआ।देहरादून में भूमि बेचने और टेंडर दिलाने के नाम पर आराेपितों ने दो व्यक्तियों के साथ अलग-अलग 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की, जिसमें पटेलनगर में एक प्रापर्टी डीलर ने फौजी से भूमि बेचने का फर्जी एग्रीमेंट कर 40 लाख रुपये हड़पे। कैंट में एक आरोपित ने ओएनजीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी को टेंडर दिलाने का झांसा देकर उनसे 17 लाख रुपये ठगे। भूमि बेचने का मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ। जबकि टेंडर की घटना में 10 साल बाद एफआईआर दर्ज हुई है।सेना में सिपाही पद पर तैनात मूल रूप से गांव नींबूचौढ़ जिला पौड़ी गढ़वाल निवासी विरेंद्र सिंह ने कोर्ट को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि 19 मई 2022 को देहरादून में एक पुराने दोस्त से मुलाकात की। उन्होंने उससे देहरादून में भूमि खरीदने की इच्छा जताई। इस पर उसने अपने एक अन्य दोस्त के माध्यम से उनकी मुलाकात विरासत प्रापर्टी के स्वामी शिवम विहार कारगी थाना पटेलनगर निवासी मुकेश कमाडी से कराई।उसने उन्हें देहरादून में कई भूमि दिखाईं। 21 मई 2022 को उन्होंने बंजारावाला में 92 वर्ग मीटर भूमि पसंद की। सौदे की बात हुई तो प्रापर्टी डीलर ने उसे अपनी भूमि होना बताया और 28.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। छह जून 2022 को उन्होंने 23 लाख रुपये एडवांस रुपये देकर प्रापर्टी डीलर से एग्रीमेंट करा लिया। शेष पांच लाख रुपये तीन महीने बाद बैनामा होने के दौरान देने की बात पक्की हुई।

पांच सितंबर 2022 को जब उन्होंने उससे बैनामा कराने को कहा तो वह टालामटोली करने लगा। कई बार कहने के बाद वह गाली-गलौज् कर पर उतारू हाे गया और जान से मारने की धमकी देने लगा। पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार किया जाएगा।

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