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द‍िल्ली-देहरादून एक्‍सप्रेस-वे की 12 KM लंबी एल‍िवेटेड रोड पर जल्‍द दौड़ेंगे वाहन, अंतिम रूप देने में जुटा NHAI

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड को अंतिम रूप देने में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जोर-शोर से जुटा है। अंतिम चरण के कार्यों में शामिल मोबाइल टावर लगाने का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। वहीं, अब जगह-जगह स्पीड लिमिट के साइन बोर्ड भी लगा दिए गए हैं।दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड को अंतिम रूप देने में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जोर-शोर से जुटा है। अंतिम चरण के कार्यों में शामिल मोबाइल टावर लगाने का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। वहीं, अब जगह-जगह स्पीड लिमिट के साइन बोर्ड भी लगा दिए गए हैं।


वैसे तो एलिवेटेड रोड बीते वर्ष अक्टूबर 2024 में बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन अलग-अलग पैकेज में तैयार की जा रही एक्सप्रेसवे परियोजना के कई काम अधूरे होने के कारण इसे वाहनों के लिए अब तक नहीं खोला जा सका है।परियोजना के पूरे होने के बढ़ते इंतजार के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के देहरादून परियोजना निदेशक कार्यालय ने अंतिम चरण के काम भी लगभग पूरे कर दिए हैं। चूंकि, पुराने राजमार्ग में मोहंड क्षेत्र में मोबाइल फोन का नेटवर्क गायब रहता, ऐसे में नई एलिवेटेड रोड पर इस खामी को दूर करने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस भाग पर मोबाइल कनेक्टिविटी को दुरुस्त रखने के लिए मोबाइल टावर लगाने का कार्य किया, जो अब समाप्ति की तरफ है।


एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मौर्य के अनुसार एलिवेटेड रोड पर कुल 12 टावर लगाए गए हैं। कुछ ही औपचारिकता अब बाकी है। ताकि जब परियोजना को जनता के सुपुर्द किया जाए तो वन क्षेत्र से घिरी एलिवेटेड रोड के किसी भी हिस्से में मोबाइल कनेक्टिविटी गायब न हो पाए। वहीं, डाटकाली मंदिर के लिए फ्लाईओवर का निर्माण भी अंतिम चरण में है। यह फ्लाईओवर सहारनपुर से आने वाली लेन से हल्के उठाव के साथ जुड़कर दूसरी लेन को ऊपर से पार करते हुए डाटकाली तक पहुंचेगा।दरअसल, इस क्षेत्र में सबसे अधिक चुनौती इस बात की खड़ी हो रही थी कि एलिवेटेड रोड के खुलने के बाद दोनों तरफ के वाहन तेजी से गुजरेंगे। वहीं, बड़ी संख्या में लोग डाटकाली मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अभी उन्हें सड़क पार करनी पड़ती है। जिससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका थी।

इसी बात के मद्देनजर एलिवेटेड रोड पर से ही सहारनपुर की तरफ से आने वाली लेन से इंद्रधनुष के आकार का फ्लाईओवर मददगार साबित होगा। जो यात्रियों को बिना एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक को बाधा पहुंचाए सीधे मंदिर से जोड़ेगा। इसके अलावा एलिवेटेड रोड पर स्पीड को मापकर स्वत कार्रवाई करने वाले कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। जल्द ही सभी कार्यों को पूरा कर लोकार्पण के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा।एनएचएआइ अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली-दून एक्सप्रसेवे का निर्माण 213 किलोमीटर पर कुल 11 पैकेज में गतिमान है। यह कार्य प्राधिकरण के अलग-अलग परियोजना कार्यालय देख रहे हैं।
परियोजना की कुल लागत 11 हजार 970 करोड़ रुपए है।

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