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शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच पड़ा महंगा, झांसा देकर ठगे 50.40 लाख रुपये

हरिद्वार के एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में जल्दी मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने 50.40 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर और इंस्टीट्यूशनल स्टॉक में निवेश करने का झांसा देकर यह ठगी की। पीड़ित को पहले मुनाफा दिखाया गया, फिर और पैसे जमा करने का दबाव डाला गया। ठगी का एहसास होने पर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।शेयर मार्केट में जल्द मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने हरिद्वार के व्यक्ति से 50.40 लाख रुपये की ठगी कर दी। अनूप कपूर निवासी ज्वालापुर जिला हरिद्वार ने बताया कि उनसे 12 अगस्त को वाट्सएप के माध्यम से साक्षी गुप्ता नाम की महिला ने संपर्क किया। कहा कि आप शेयर में निवेश करते हैं, लेकिन आजकल मार्केट में कोई बहुत ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा है। हम आपको बाजार में ऐसा फंडा बताएंगे जिससे आपको पांच से 10 प्रतिशत का लाभ होगा।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और उनसे निवेश करवाना शुरू किया। किसी शेयर में एक प्रतिशत तो किसी में नुकसान भी हुआ। इसके बाद उन्हें प्रोफेसर जितेंद्र ने मैसेज के माध्यम से ट्रेनिंग दी और शेयर मार्केट के बारे में बहुत सारी नई-नई जानकारियां दी।उन्होंने एक दिन ग्रुप में बताया आप सभी एक दूसरे तरह का शेयर खरीदे और सेल करें। इसको इंस्टीट्यूशनल स्टाक बोलते हैं। इसमें प्रतिदिन हमें एक स्टाक के बारे में दोपहर में ढाई बजे बताएंगे उसको खरीदिए और अगले दिन या दो दिन बाद जब भी हम बताएं तो सेल कर दीजिए तो आपके पास से 10 से 20 प्रतिशत के बीच में मुनाफा होगा।

इंस्टीट्यूशन स्टाक को खरीदने के लिए आपको एक हाई नेट वर्थ अकाउंट खोलना होगा। दो सितंबर को उन्हें लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड करवाई और हाई नेटवर्क अकाउंट खोला गया। हाई नेटवर्क वर्थ अकाउंट को आपरेट कर सकते थे और ट्रेड के दौरान जो भी मुनाफा होता था वह उसमें जोड़कर टोटल कैपिटल उसमें दिखता था।

तीन सितंबर से लेकर के 15 सितंबर तक प्रतिदिन उन्होंने निवेश किया जिसमें उन्हें 15 लाख रुपए का मुनाफा दिखाया। ऐसे में उनकी रकम 30 लाख रुपए से बढ़कर 45 लाख दिखने लगी। इसके बाद उनसे कहा गया कि आपको 50 लाख से एक करोड़ के बीच में अपना अकाउंट में बैलेंस रखना पड़ेगा।

वह पहले ही 30 लाख रुपये जमा कर चुके थे, जिसके बाद उन्होंने 20.40 लाख रुपये और जमा कर दिए। कुल 50.40 लाख रुपये जमा करने पर बैलेंस 72 लाख रुपए दिखाया जा रहा था, लेकिन वह निकाल नहीं पाए। उनसे और रकम जमा करने को कहा गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी।

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