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स्कूल में गड्ढे भरवाने के लिए बच्चों से करवाई मजदूरी, वीडियो प्रसारित होते ही प्रधानाध्यापिका निलंबित

हल्द्वानी के एक सरकारी स्कूल में बच्चों से गड्ढे भरवाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। बच्चों को तसलों में बजरी ढोते हुए देखा गया जिसके बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।राजकीय प्राथमिक विद्यालय टी एस्टेट बंजारावाला में छात्रों से मजदूरी करवाने का मामला सामने आया है। लंबे समय से विद्यालय परिसर में बने गड्ढे भरने के लिए बच्चों के तसलों से बजरी ढोने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए प्रधानाध्यापिका अंजू मेनादुली को निलंबित कर दिया है।

वीडियो सोमवार दोपहर का है, जिसमें करीब आठ छात्र तसलों में बजरी भरकर, इसे अपने सिर पर उठा स्कूल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि बच्चों ने पास ही काम कर रहे मजदूरों से फावड़ा और तसला लेकर यह कार्य किया।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे लगातार यह कार्य कर रहे हैं और आसपास कोई भी शिक्षक नहीं है। इस घटना की जानकारी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

सख्त ताकीद की है कि सभी स्कूलों में ऐसी घटनाओं की निगरानी रखी जाए और भविष्य में दोबारा ऐसी कोई घटना न हो। जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) प्रेमलाल भारती ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर प्रेमलता गौड़ को मामले की जांच सौंपी गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में बच्चों से इस तरह का कोई भी कार्य करवाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।राजकीय प्राथमिक विद्यालय बंजारावाला में लगभग 200 छात्र अध्ययनरत हैं। दावा किया जा रहा है कि यहां लंबे समय से गड्ढों की समस्या बनी हुई थी, जिस कारण छात्र स्वयं गड्ढे भरने के लिए आगे आए। यह पूरी घटना बच्चों की मदद करने की भावना का परिणाम थी।

प्रधानाध्यापिका अंजू मेनादुली का कहना है कि विद्यालय में इस समय दो शिक्षक छुट्टी पर हैं। वह डाक आदि के कार्यों में व्यस्त थी। बच्चों ने स्वयं यह काम किया। जैसे ही मुझे पता चला कि बच्चे गड्ढे भरने के लिए बजरी ले जा रहे हैं, तो मैंने उन्हें तुरंत वापस बुलाया।

हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण या अनुचित कार्य करवाने की घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले चमोली जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जूनीधार में छात्रों द्वारा शिक्षक की कार धोने का वीडियो प्रसारित हुआ था। उस समय विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया था।

अब इस घटना ने फिर सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व निगरानी तंत्र को लेकर बहस छिड़ गई है। बंजारावाला निवासी वीरेंद्र डंगवाल के अनुसार यह सरकारी शिक्षा की चिंताजनक तस्वीर है। यह घटना अत्यंत गंभीर होने के साथ-साथ शर्मनाक भी है। विभाग को देखना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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