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पांच अक्टूबर की परीक्षा को लेकर आयोग आज लेगा फैसला, 13 हजार अभ्यर्थियों ने किया है आवेदन

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की 5 अक्टूबर को होने वाली सहकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा पर संशय बरकरार है। पेपर लीक के बाद आयोग सतर्क है और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने की चुनौती है। 13 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है और प्रवेश पत्र का इंतजार कर रहे हैं। आयोग की बोर्ड बैठक में परीक्षा को लेकर निर्णय लिया जाएगा।उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की पांच अक्टूबर को प्रस्तावित समूह-ग की सहकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। आयोग की मंगलवार को होने वाली बोर्ड बैठक में इस परीक्षा के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उधर, अभी तक परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं होने से वे असमंजस की स्थिति में हैं।

दरअसल, 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। युवाओं के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को इस प्रकरण की सीबीआइ जांच की संस्तुति की है।ऐसे में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भी अब आगे की परीक्षाओं को लेकर बेहद सतर्क है और फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहा है। पांच अक्टूबर को समूह-ग की सहकारी निरीक्षक वर्ग-दो/ सहायक विकास अधिकारी (सहकारी) के 45 पदों के लिए लिखित परीक्षा प्रस्तावित है।

इस परीक्षा के लिए 13 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा के लिए देहरादून और हल्द्वानी दो शहरों में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। लेकिन, पेपर लीक प्रकरण के बाद आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने की है।

इसी कारण आयोग ने अब तक प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए हैं। आयोग की बोर्ड बैठक में लिए जाने वाले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अभ्यर्थी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मंगलवार को परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। मौजूदा हालात में आयोग पर दबाव है कि वह परीक्षाओं को शुचिता और पारदर्शिता के साथ आयोजित करे ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल हो सके।

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