आखिर मौसम की जिद के आगे झुक गए डीएम साहब रातभर छुट्टी के आदेश का इंतजार, सुबह हुआ जारी

सभी जिलों की ओर से छुट्टी के आदेश आ गए लेकिन देहरादून जिला प्रशासन अब भी इंतजार में था कि मौसम विभाग अपनी चेतावनी को शायद बदल दे। आखिरकार डीएम को सुबह चार बजे स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी करना पड़ा।मौसम विभाग का रेड अलर्ट…भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी। तीन दिनों से कमोबेश राजधानी में इसी तरह का अलर्ट चला आ रहा था। इसके चलते सोमवार रात भी लोगों को चिंता थी कि उनके बच्चे स्कूल जाएंगे या फिर छुट्टी रहेगी। बावजूद इसके जिला प्रशासन इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर सो गया। अचानक अधिकारियों की आंख खुली तो बिगड़ते मौसम को देख बच्चों की याद आई। इसके बाद तीन बजे दफ्तर भी खुल गए और सुबह चार बजे छुट्टी के आदेश जारी हो गए। आखिरकार मौसम की इस जिद के आगे सबसे अलग चलने वाले डीएम साहब को भी झुकना ही पड़ा।इससे पहले रातभर छुट्टी के फर्जी आदेश वायरल होते रहे। सुबह जब स्कूलों की ओर से ये आदेश आया तो असली को देखकर भी लोग गफलत में पड़ गए। तस्दीक करने को कई जगह फोन हुए तब जाकर सबने चैन की सांस ली। दरअसल, मौसम विभाग की ओर से कई दिन पहले देहरादून समेत कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। ऐसे में रविवार को सही समय से देहरादून को छोड़कर सभी 12 जिलों के प्रशासन ने छुट्टी के आदेश जारी कर दिए मगर देहरादून जिला प्रशासन तब भी किसी उलटफेर के इंतजार में था। वैज्ञानिक तकनीक पर भरोसा न कर उसे कहीं से किसी चमत्कार की आस थी। यही कारण था कि देर रात छुट्टी के आदेश जारी किए गए। अब अगला दिन सोमवार हुआ तो चेतावनी फिर भी भारी से अत्यंत भारी बारिश की थी।सभी जिलों की ओर से छुट्टी के आदेश आ गए लेकिन देहरादून जिला प्रशासन अब भी इंतजार में था कि मौसम विभाग अपनी चेतावनी को शायद बदल दे। रात करीब 10 बजे जिला सूचना विभाग की टीम की ओर से जानकारी दी गई कि देहरादून में कल यानी मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी नहीं रहेगी। जो आदेश वायरल हो रहे थे उन पर भी बड़ा-बड़ा फेक लिखकर सरकारी ग्रुप पर जारी कर दिया गया। अब सभी आश्वस्त हो गए कि मंगलवार को कोई छुट्टी नहीं होगी। सुबह स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों ने बच्चों को उठाया तो पता चला कि स्कूल की ओर से छुट्टी के मैसेज फोन में आए हुए थे। जिला प्रशासन की ओर से ये आदेश सुबह करीब चार बजे किए गए। इससे पहले भी एक दिन तो छुट्टी के आदेश सुबह सात बजे किए गए। उस वक्त अधिकतर स्कूलों के बच्चे गेट पर खड़े हुए थे।जिला प्रशासन की सबसे अलग चलने की यह आदत बच्चों पर भारी भी पड़ सकती थी। मौसम विभाग लगातार अलर्ट कर रहा है। पहाड़ों से हर दिन कोई बुरी खबर आ रही है। देहरादून में भी तमाम जगह जलभराव हो रहा है। जुलाई महीने में दो बच्चों की इसी तरह के जलभराव में डूबकर मौत हो चुकी है। हालांकि, डूबने की ये घटनाएं स्कूल के वक्त की नहीं थी। बावजूद इस सबके देहरादून जिला प्रशासन स्कूलों की छुट्टी को लेकर इतना गैर गंभीर नजर आता है।
प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक जिलाधिकारी को इस बात की चिंता रहती है कि ज्यादा छुट्टी होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। लिहाजा रात नौ बजे के अलर्ट का इंतजार किया जाता है। इसके बाद ही छुट्टी का निर्णय लिया जाता है लेकिन सोमवार रात को हर बुलेटिन में रेड अलर्ट का ही जिक्र था। बावजूद इसके छुट्टी के आदेश नहीं हुए। रातभर जब कई दौर की बारिश हुई तो जिलाधिकारी भी मौसम की जिद के आगे झुके और सुबह तीन बजे कार्यालय खुलवाकर छुट्टी के आदेश जारी करवाए।




